जब भी हम बाजार से सोना (Gold) खरीदते हैं, तो सोने की मूल कीमत और मेकिंग चार्ज के अलावा सरकार को टैक्स के रूप में जीएसटी (GST - Goods and Services Tax) भी चुकाना पड़ता है। कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर सोने पर कुल कितना टैक्स लगता है?
आइए जानते हैं कि भारत में सोने और उससे जुड़े शुल्कों पर कितना जीएसटी वसूला जाता है:
1. सोने की खरीद पर जीएसटी दर (Gold GST Rate)
भारत सरकार के नियमों के अनुसार, **सोने पर कुल 3% जीएसटी** (GST) लगता है। यह दर अनगढ़ सोने (Gold Bars), सोने के सिक्कों (Gold Coins) और सोने के आभूषणों (Gold Jewellery)—सभी पर समान रूप से लागू होती है।
- 3% जीएसटी: इसमें 1.5% सेंट्रल जीएसटी (CGST) और 1.5% स्टेट जीएसटी (SGST) शामिल होता है (यदि आप दूसरे राज्य से खरीद रहे हैं, तो 3% IGST लगता है)।
2. मेकिंग चार्जेस (Making Charges) पर कितना जीएसटी लगता है?
जब आप ज्वैलरी या डिजाइनदार गोल्ड कॉइन खरीदते हैं, तो ज्वैलर्स सोने के वजन के अलावा 'मेकिंग चार्ज' (बनवाई का खर्च) भी जोड़ते हैं। मेकिंग चार्ज पर सोने की तुलना में अधिक टैक्स लगता है:
- 5% जीएसटी: मेकिंग चार्जेस और लेबर कॉस्ट पर सरकार द्वारा 5% की दर से जीएसटी वसूला जाता है।
3. गोल्ड एक्सचेंज (पुराना सोना बेचने पर) और अन्य सेवाओं पर नियम
यदि आप अपना पुराना सोना किसी ज्वैलर को बेच रहे हैं (Gold Exchange), तो उस पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। हालांकि, यदि आप ज्वैलरी को री-मॉडेल करवा रहे हैं या हॉलमार्किंग जैसी सेवाएं ले रहे हैं, तो उस सेवा शुल्क पर जीएसटी लागू हो सकता है।
बिल में जीएसटी कैसे जुड़ता है? (एक उदाहरण)
मान लीजिए आपने बाजार से ₹50,000 का सोना खरीदा और उस पर ज्वैलर ने ₹5,000 मेकिंग चार्ज लगाया:
- सोने की कीमत: ₹50,000 + 3% GST (₹1,500) = ₹51,500
- मेकिंग चार्ज: ₹5,000 + 5% GST (₹250) = ₹5,250
- कुल भुगतान (Total Amount): ₹51,500 + ₹5,250 = ₹56,750
महत्वपूर्ण बात: हमेशा पक्का बिल (GST Invoice) लें
सोना खरीदते समय हमेशा पक्का जीएसटी बिल (Tax Invoice) जरूर लें। बिना बिल के सोना खरीदना गैर-कानूनी तो है ही, साथ ही भविष्य में जब आप उस सोने को बेचने जाएंगे या हॉलमार्क की शुद्धता साबित करनी होगी, तब आपको भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।